सर्दियों में स्टैटिक शॉक क्यों लगता है?

इसकी असली वजह हवा का सूखापन है।सर्दियों में स्टैटिक शॉक ज़्यादा लगता है क्योंकि हवा सूखी होती है, इसलिए शरीर और कपड़ों पर जमा चार्ज को बाहर निकलने में दिक्कत होती है। चीज़ें रगड़ने पर इलेक्ट्रॉन खिसकते हैं और चार्ज जमा होता है। नमी वाले मौसम में चार्ज चीज़ों की सतह पर बनी पानी की पतली परत से धीरे-धीरे निकल जाता है, पर सूखी सर्दी में जमा रहता है। दरवाज़े के हैंडल जैसी धातु छूते ही वह एकदम से बहता है और झटका लगता है।

रगड़ने से इलेक्ट्रॉन खिसकते हैं
हर चीज़ में माइनस चार्ज वाले इलेक्ट्रॉन और प्लस चार्ज वाले हिस्से बराबर मात्रा में होते हैं, इसलिए आम तौर पर संतुलन बना रहता है। मैकगिल विश्वविद्यालय के अनुसार, जब अलग-अलग तरह की चीज़ें एक-दूसरे को छूती या रगड़ती हैं, तो इलेक्ट्रॉन एक से दूसरी की ओर चले जाते हैं। जिसे इलेक्ट्रॉन मिलते हैं वह माइनस चार्ज पाता है, और जो उन्हें खोता है वह प्लस चार्ज पाता है।
दिशा चीज़ के प्रकार पर
इलेक्ट्रॉन किस ओर जाएंगे, यह चीज़ की किस्म पर निर्भर करता है। रबर और ऐक्रिलिक पर इलेक्ट्रॉन आसानी से चले आते हैं, जबकि बाल, काँच और ऊन से इलेक्ट्रॉन आसानी से चले जाते हैं। ऊनी टोपी उतारने पर बाल हल्के-से खड़े हो जाते हैं, क्योंकि एक ही तरह का चार्ज पाए बाल एक-दूसरे को धकेलते हैं।
नमी चार्ज को निकलने देती है
केंटकी विश्वविद्यालय के अनुसार, जब हवा में नमी ज़्यादा होती है, तो चीज़ों की सतह पर आँख से न दिखने वाली पानी की बहुत पतली परत बन जाती है। यह परत रास्ते की तरह काम करती है और जमा चार्ज को धीरे-धीरे निकलने देती है। जब हवा सूखी होती है, तो यह परत आसानी से नहीं बनती, और चार्ज शरीर या कपड़ों पर जमा रहता है।

हीटर से हवा और सूखती है
सर्दियों की ठंडी हवा में पहले से ही बहुत कम पानी होता है। हीटर से उसे गरम करने पर पानी की मात्रा नहीं बढ़ती, इसलिए कमरे की हवा बहुत सूखी हो जाती है। जब चार्ज वाला शरीर दरवाज़े के हैंडल जैसी धातु के पास जाता है, तो चार्ज एकदम से उसमें चला जाता है। तभी वह झटका महसूस होता है।
और जानना चाहते हैं?
- स्टैटिक बिजली का वोल्टेज कई हज़ार वोल्ट तक हो सकता है, पर बहने वाले करंट की मात्रा और ऊर्जा बहुत कम होती है।
- ह्यूमिडिफ़ायर से कमरे की नमी बढ़ाने पर जमा चार्ज आसानी से निकल जाता है, इसलिए झटके कम लगते हैं।
- चाबी या सिक्के जैसी धातु की चीज़ हाथ में लेकर पहले उससे धातु छुएँ, तो चार्ज उसी के रास्ते बह जाता है और उँगली पर झटका लगने से बचाव होता है।

त्वरित प्रश्नोत्तरी: खुद को परखें
सर्दियों में स्टैटिक शॉक ज़्यादा क्यों लगता है?
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- ठंडी हवा बिजली पैदा करती है
- हवा सूखी होती है
- हम ज़्यादा कपड़े पहनते हैं
हवा सूखी होती है नमी वाले मौसम में चार्ज सतहों पर बनी पानी की पतली परत से निकल जाता है। सूखी सर्दी की हवा में यह शरीर और कपड़ों पर जमा रहता है।
नमी वाले मौसम में चार्ज सतहों पर बनी पानी की पतली परत से निकल जाता है। सूखी सर्दी की हवा में यह शरीर और कपड़ों पर जमा रहता है।
अगला प्रश्न ›स्रोत
- How can I stop getting static shocks?McGill University Office for Science and Society
- Static electricity in winterUniversity of Kentucky, Department of Physics and Astronomy (SciWorks)
यह लेख 2026-10-03 तक ऊपर दिए गए स्रोतों की जाँच करके लिखा गया था। शोध आगे बढ़ने पर व्याख्याएँ बदल सकती हैं। फ़ोटो के श्रेय प्रत्येक फ़ोटो के नीचे दिए गए हैं।



