बारिश से छोटा क्रिकेट मैच कैसे तय होता है?

कोहाकु
कोहाकुअगर बारिश से मैच छोटा हो जाए, तो जीत कैसे तय होती है? आइए, क्रिकेट का एक होशियार तरीका देखें।
30 सेकंड में जवाब
कोहाकुपहले मैं आपको 30 सेकंड में जवाब बता दूँ।

बारिश से मैच छोटा होने पर दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम का लक्ष्य डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) तरीके से फिर से तय किया जाता है। यह बचे हुए ओवर और गिरे हुए विकेट से हर टीम के 'स्कोरिंग संसाधन' निकालकर दोनों टीमों को बराबर स्तर पर लाता है।

बारिश में क्रिकेट पिच पर लंबा हरा कवर
बारिश होने पर पिच को ढक दिया जाता है और खेल कुछ देर के लिए रुक जाता है।फ़ोटो: Acabashi / CC BY-SA 4.0 / विकिमीडिया कॉमन्स

बारिश से घटता हिस्सा

क्रिकेट में तय ओवरों के अंदर ज़्यादा रन बनाने वाली टीम जीतती है। 50 ओवर के मैच में हर टीम के पास 300 गेंदें बल्लेबाज़ी करने की और 10 विकेट (यानी बल्लेबाज़ के आउट होने की संख्या) की हिस्सेदारी होती है। लेकिन अगर बारिश से खेल रुक जाए और दूसरी बल्लेबाजी करने वाली टीम का हिस्सा कम हो जाए, तो पुराना लक्ष्य रखना नाइंसाफी होगी।

लक्ष्य फिर से तय करने का तरीका

इसी के लिए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न तरीका, छोटा नाम DLS, इस्तेमाल होता है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, यह हर टीम के 'रन बनाने के संसाधन' के अनुपात में लक्ष्य को फिर से तय करता है। यह संसाधन बचे ओवरों और गिरे विकेटों के मेल से तय होता है। पूरे 50 ओवर की बल्लेबाजी को 100% माना जाता है, और मैच के हर पड़ाव के संसाधन एक तालिका में दिए गए हैं।

कोहाकु
कोहाकुयह सिर्फ ओवरों की संख्या से भाग नहीं देता। काफी सोच-समझकर बनाया गया है, है ना?

जितने विकेट बचे, उतना ज़्यादा नुकसान

इस तरीके की खास बात है कि यह सिर्फ ओवरों की संख्या से भाग नहीं देता। ESPNcricinfo की व्याख्या के मुताबिक, पारी के आखिर में ओवर गंवाने का असर शुरू में गंवाने से ज़्यादा होता है। साथ ही, 20 ओवर के बाद 6 विकेट गंवा चुकी टीम की तुलना में सिर्फ 2 विकेट गंवाने वाली टीम का रुकावट से ज़्यादा नुकसान होता है, क्योंकि बचे ओवरों में वह ज़्यादा रन बना सकती थी।

चित्र: बारिश के बाद लक्ष्य कैसे फिर से तय होता है
बचे ओवरगिरे विकेटस्कोरिंग संसाधनपूरे 50 ओवर = 100%दूसरी बल्लेबाजी टीम कालक्ष्य फिर से तयओवर जितने बाद में गए,असर उतना बड़ा

यह कैसे शुरू हुआ

ICC बताता है कि यह तरीका 1992 विश्व कप के सेमीफाइनल से निकला। थोड़ी देर बारिश से खेल रुकने के बाद, दक्षिण अफ्रीका को 13 गेंदों में 22 रन चाहिए थे, लेकिन अब वही 22 रन 1 गेंद में बनाने पड़े। इस नाइंसाफी को दूर करने के लिए अंग्रेज़ सांख्यिकीविद् फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने यह तरीका सोचा, और 1 जनवरी 1997 को जिम्बाब्वे बनाम इंग्लैंड मैच में ICC से मान्यता प्राप्त मैच में पहली बार इस्तेमाल हुआ। बाद में स्टर्न का नाम भी जुड़ गया और यह आज का DLS तरीका बना।

और जानना चाहते हैं?

  • ICC के मुताबिक, 1997 के बाद यह तरीका 1998 में न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, भारत और वेस्ट इंडीज़ में भी इस्तेमाल हुआ।
  • ESPNcricinfo की व्याख्या के मुताबिक, रुकावट के बाद विकेट गिरने से लक्ष्य नहीं बदलता। अहम यह है कि खेल रुकने के समय कितने विकेट गिर चुके थे।
  • इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, संसाधनों की तालिका 50 ओवर तक के मैचों के लिए हर गेंद के हिसाब से तैयार की गई है।
कोहाकु
कोहाकुतो यह ऐसा हिसाब है जो बारिश के बाद दोनों टीमों को बराबर स्तर पर लाता है। आज मैंने कुछ नया सीखा।

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बारिश से छोटे मैच में लक्ष्य कैसे तय होता है?

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  1. बचे ओवर और विकेट से गणना
  2. सिर्फ ओवरों की संख्या से भाग
  3. अंपायरों की बातचीत से

बचे ओवर और विकेट से गणना DLS तरीका बचे ओवरों और गिरे विकेटों से संसाधन निकालकर लक्ष्य फिर से तय करता है।

स्रोत

  1. Ten years at the top for Duckworth-LewisInternational Cricket Council (ICC)
  2. Duckworth/Lewis/Stern Methodology of Re-calculating the Target Score in an Interrupted MatchEngland and Wales Cricket Board (ECB)
  3. How the Duckworth-Lewis-Stern method worksESPNcricinfo
  4. ICC Media Information: Duckworth/Lewis calculations explainedInternational Cricket Council (ICC)

यह लेख 2026-10-03 तक ऊपर दिए गए स्रोतों की जाँच करके लिखा गया था। शोध आगे बढ़ने पर व्याख्याएँ बदल सकती हैं। फ़ोटो के श्रेय प्रत्येक फ़ोटो के नीचे दिए गए हैं।